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यहां के लोग श्री राम को नहीं मानते भगवान, राजा मानकर करते हैं उनका सम्मान, जानिए क्यों?

Samachar Jagat

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में श्री राम को भगवान मानकर उनकी पूजा की जाती है, भगवान श्री राम के असंख्य मंदिर हैं और वहां पर वे विराजमान हैं। वहीं आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि श्री राम का एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर वे विराजमान तो हैं लेकिन लोग उन्हें भगवान नहीं मानते हैं। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित श्री राम के मंदिर में लोग आते हैं और सुबह-शाम उन्हें सलामी देते हैं। यहां के लोग श्री राम को भगवान मानकर नहीं बल्कि राजा के रूप में उनका सम्मान करते हैं। इस मंदिर में राजा राम को दिन में पांच बार पुलिस के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है।

यहां के लोगों की मान्यता के अनुसार, संवत 1600 में तत्कालीन बुंदेला शासक मधुकर शाह ने एक बार अपनी पत्नी से वृंदावन चलने को कहा लेकिन रानी वृंदावन नहीं जाना चाहती थी क्योंकि वो श्री राम की परम भक्त थी। इस बात से राजा क्रोधित हो गए और उन्होंने रानी से कहा कि अगर तुम सच में श्री राम की भक्त हो तो उन्हें ओरछा आने को कहो। ये सुनकर रानी महल से निकल गईं और नदी किनारे तपस्या करने लगीं। जब काफी समय हो गया और उन्हें श्री राम के दर्शन नहीं हुए तो उन्होंने नदी में कूदकर अपने प्राण त्यागने का निर्णय लिया।

जब रानी नदी में कूदीं तो उन्हें नदी के अंदर श्री राम के दर्शन हुए और रानी में श्री राम से हाथ जोड़कर ओरछा चलने का आग्रह किया। भगवान राम ने रानी के समक्ष एक शर्त रखी कि अगर ओरछा में उनकी सत्ता रहेगी यानि वे अगर ओरछा के राजा होंगे तभी वे रानी के साथ जाने को तैयार होंगे। रानी ने श्री राम की बात मान ली और इसके बाद वे रानी के साथ ओरछा आए। आज भी यहां के लोग श्री राम को अपना राजा मानते हैं और उन्हें राजा की तरह ही सम्मान दिया जाता है।

May 22nd 2019, 12:11 am
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