इतना भी क्या सोचना! अगर बीमार बन गई है ओवरथिंकिंग तो एक्सपर्ट्स से जानें हल
Navbharat Times
संजय (बदला हुआ नाम) 35 बरस के हैं। एक प्राइवेट कंपनी में सीनियर मैनेजर। आजकल परेशान हैं। उन्हें लगता है कि वह बहुत ज्यादा सोचते हैं। खासकर तब, जब वह रात को सोने के लिए बेड पर जाते हैं। तब दिनभर के काम, उनसे जुड़ी बातें याद आती हैं। विशेषकर, उन बातों का सिलसिला जरूर शुरू होता है जो काम वह पूरे नहीं कर पाए। उन कामों के बारे में सोचते हुए वह सोचने लगते हैं कि कल बॉस ने पूछ लिया तो क्या होगा? हालांकि, संजय को यह पता है कि बॉस उनसे इस बारे में नहीं पूछेंगे क्योंकि वह किसी प्रोजेक्ट के काम से बाहर गए हुए हैं, फिर भी संजय इस बात को लेकर सोचे जा रहे हैं। इसी तरह की बातें अमूमन हर दिन होती हैं। हालांकि, इस तरह की सोच की वजह से उनके सामान्य काम प्रभावित नहीं होते। उनकी नींद भी सामान्य है, उनके ऑफिस का काम प्रभावित नहीं होता। लेकिन ओवरथिंकिंग की वजह से वह परेशान रहते हैं। उन्होंने अपनी परेशानी अपने एक रिश्तेदार को बताई जो जनरल फिजिशन हैं। डॉक्टर ने कहा कि आप किसी सायकायट्रिस्ट से बात कर लीजिए। सायकायट्रिस्ट का कहना था कि यह कोई ऐसी समस्या नहीं है कि जिसके लिए अभी आपको किसी इलाज या काउंसलिंग की जरूरत हो। हां, अपनी रुटीन में कुछ चीजों को शामिल करें और कुछ चीजों को बाय-बाय कर देंगे तो फौरन ही फायदा हो जाएगा।
10 सवालों से जांचें, आप ओवरथिंकिंग के शिकार तो नहीं
- क्या आप छोटी-छोटी बातों पर भी बहुत देर तक सोचते हैं? मसलन: कल ऑफिस में खाने में क्या लेकर जाना है या फिर मेरी पत्नी या पति ने मुझे उलटा जवाब क्यों दिया?
- कई बार दूसरे के हिस्से का भी खुद ही सोचते हैं? मसलन: किसी दोस्त ने या फिर किसी संबंधी ने मेरे बारे में क्या कहा होगा?
- वर्तमान के बारे में बहुत कम, भविष्य के बारे में ज्यादा और अतीत के बारे में बहुत ज्यादा सोचते हैं?
- कल्पना करते हुए बार-बार यह सोचना कि अगर ऐसा हो गया तो क्या होगा?
- अपने बीते दिनों के बारे में यह सोचते हैं कि काश यह न किया होता तो अच्छा होता यानी खुद पर बार-बार पछतावा होता है?
- किसी की कोई बात बार-बार दिमाग में आना। किसी शख्स ने मजाक में कोई बात बोल दी, फिर भी क्या उसके बारे में सोचते रहते हैं?
- दिमाग में किसी बात को लेकर खुद को बार-बार शर्मिंदा महसूस करते हैं? अतीत की किसी घटना को लेकर शर्मिंदा महसूस करते हैं?
- उन चीजों के बारे में क्या ज्यादा सोचते हैं जिन घटनाओं पर आपका कोई कंट्रोल नहीं है? मसलन: अगर चीन या पाकिस्तान से भारत की लड़ाई हो गई तो कहां जाकर रहेंगे। अगर मंदी आई और जॉब चली गई तो क्या करेंगे आदि?
- सहवास से दूर रहते हैं? बेड पर पार्टनर से संबंध बनाने के दौरान किसी सोच में गुम होकर उत्तेजना खो देते हैं, मूड ऑफ हो जाता है और सहवास से भाग जाते हैं?
- ऊपर के सवालों के जवाब 'हां' में होने की वजह से गहरी नींद न आना, लगातार 6 से 8 घंटे की नींद पूरी न होना, सुबह उठने पर बहुत ज्यादा थकान महसूस होना, शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना, चिड़चिड़ापन होना, बिना मतलब परिवार या फिर ऑफिस में गुस्सा करना, अपने काम में बार-बार गलतियां करना, जैसी समस्याएं हैं? अगर 'हां' तो फिर आप ओवरथिंकिंग से परेशान हैं और कुछ उपाय की जरूरत है।
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