‘जय जवान, जय किसान’ सिर्फ टैटू नहीं, ध्रुव जुरेल की भावुक कर देने वाली कहानी है, VIDEO में देखें
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श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन ध्रुव जुरेल ने अपने टेस्ट करियर का दूसरा शतक जड़कर महफिल लूट ली। जुरेल ने नाबाद 115 रन की पारी खेली और भारत को 503/9 घोषित के मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके शतक की खास बात सिर्फ उनका शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन नहीं था, बल्कि सेंचुरी पूरी करने के बाद किया गया उनका सेलिब्रेशन भी रहा। जुरेल ने बैट उठाकर शतक का जश्न मनाया और फिर अपनी बांह पर बना ‘जय जवान, जय किसान’ (Jai Jawan Jai Kishan Tattoo) टैटू दिखाया। यह पल सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना, क्योंकि इस टैटू के पीछे जुरेल की अपनी जड़ों और परिवार से जुड़ी बेहद खास कहानी है।
JAI JAWAN JAI KISAN
— Mufaddal Atif (@MufaddalAtif) August 24, 2026
Dhruv Jurel showed his tattoo after smashing a stunning overseas Test century!
What a moment. What a statement. pic.twitter.com/pyAB5PUOsC
पिता सैनिक, दादा किसान... जुरेल ने बताया टैटू का मतलब
जुरेल ने दिन का खेल खत्म होने के बाद बताया कि ‘जय जवान, जय किसान’ उनके लिए सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि उनकी पहचान और परिवार की विरासत है। उन्होंने कहा कि उनके दादा किसान थे, जबकि पिता भारतीय सेना में सैनिक रहे है। उनके पिता ने 1999 के कारगिल युद्ध में भी हिस्सा लिया था। यही वजह है कि जुरेल अपनी बांह पर इस संदेश को हमेशा अपने साथ रखना चाहते हैं। सेंचुरी के बाद उनका सलाम और टैटू दिखाने वाला सेलिब्रेशन भी उन्होंने अपने पिता और दादा को समर्पित किया। जुरेल के मुताबिक, ये वही जड़ें हैं जहां से वह आए हैं और वह इन्हें कभी नहीं भूलना चाहते। दूसरे दिन के खेल में उनका यह अंदाज शतक से भी ज्यादा भावुक कर देने वाला पल बन गया।
"जय जवान, जय किसान"
— (@SONSINGH_Ya) August 25, 2026
Dhruv Jurel :ने बताया कि उनके दादा किसान थे और पिता सैनिक। उन्होंने शतक लगाने के बाद अपने खास सेलिब्रेशन और हाथ पर बने टैटू के पीछे का मतलब भी समझाया।
"jay jawan, jai kisan"
ध्रुव जुरेल ने अपनी खास सेलिब्रेशन और हाथ पर बने टैटू के पीछे की वजह बताई।…
पंत के साथ 112 रन की साझेदारी, लेकिन अपना गेम नहीं छोड़ा
जुरेल ने दूसरे दिन ऋषभ पंत के साथ मिलकर 112 रन की साझेदारी की। पंत ने अपने आक्रामक अंदाज में 63 रन बनाए, जबकि जुरेल ने दूसरी तरफ संयम और समझदारी से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। पंत के साथ बल्लेबाजी को लेकर जुरेल ने कहा कि वह उनके अनुभव से काफी कुछ सीखते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में उनसे सलाह भी लेते हैं। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि पंत की तरह खेलने की कोशिश करना उनके गेम का हिस्सा नहीं है।
शतक, सलाम और ‘जय जवान, जय किसान’... ध्रुव जुरेल के टैटू का इमोशनल कनेक्शन, VIDEO
उनका फोकस अपनी ताकत के मुताबिक बल्लेबाजी करने, सही गेंदबाज को निशाना बनाने और सही समय पर जोखिम लेने पर रहता है। जुरेल ने यह भी बताया कि शतक पूरा करने में मोहम्मद सिराज की भूमिका अहम रही, जिन्होंने उनके साथ टिककर 29 गेंदें खेलीं और उन्हें सेंचुरी तक पहुंचने का मौका दिया।
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