कोलकाता का वह मार्ग जहां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी थी भीड़
Navbharat Times
कोलकाता: कोलकाता का चौरंगी मार्ग, जिसे ब्रिटिश शासन का सबसे प्रबल विरोध स्थल माना जाता था, वहां 1961 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की एक झलक पाने के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों से लोग उमड़ पड़े थे। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम), कलकत्ता के प्रोफेसर आलोक कुमार 1961 की सर्दियों की उस एक सुबह को याद कर रहे थे, जब ब्रिटेन की महारानी कलकत्ता (अब कोलकाता) की यात्रा पर आई थीं। उस समय वह 'परियों की कहानी की नायिका' जैसी नज़र आ रहीं थीं। उन्होंने कहा कि लोग 'इस खूबसूरत महिला को सफेद दस्ताने वाले हाथ लहराते और मुस्कुराते हुए देखने के लिए उत्साहित थे।'
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का आठ सितंबर को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 70 साल तक ब्रिटेन पर शासन किया। वह फरवरी 1961 में भारतीय उपमहाद्वीप की अपनी यात्रा के दौरान इस शहर में आई थीं। कलकत्ता शहर कांग्रेस, फॉरवर्ड ब्लॉक, कम्युनिस्ट और अनुशीलन समिति और युगांतर जैसे समूहों के सशस्त्र क्रांतिकारियों का गढ़ था।
'रॉयल कलकत्ता क्लब का किया था दौरा'
एलिजाबेथ द्वितीय की यात्रा से महज डेढ़ दशक पहले “वंदे मातरम” और “जय हिंद” के नारों और बम के धमाके से गूंजने वाली सड़कें उस समय महारानी की जय-जयकार करती नज़र आ रहीं थीं। इस दौरान अन्य स्थानों के अलावा, उन्होंने 1921 में उनकी परदादी की याद में बनीं संगमरमर की इमारत यानी विक्टोरिया मेमोरियल हॉल का दौरा किया। उन्होंने 1847 में स्थापित रॉयल कलकत्ता टर्फ क्लब का भी दौरा किया।
महारानी के साथ उनके पति प्रिंस फिलिप, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग भी थे। आरसीटीसी की अपनी यात्रा के दौरान नर्सरी कक्षा के छात्र आलोक को शाही मेहमानों की एक झलक देखने मिली, जो उनकी स्मृति में आज भी ताजा है।
'धूल उड़ने से रोकने की हो रही थी पूरी कोशिश'
आलोक की मां उन्हें और उनके भाई-बहनों को मध्य कोलकाता के चौरंगी रोड पर एक रिश्तेदार के घर ले गई थीं क्योंकि महारानी का काफिला वहीं से गुजरने वाला था। कुमार ने बताया, 'ऐसा लग रहा था कि पूरा कलकत्ता उनके घर आ गया है। लेकिन वह इससे नाराज़ नहीं थे। क्या नज़ारा था! जैसे ही हम बैठे, हमने देखा कि सफाईकर्मी सड़क की सफाई कर रहे थे। धूल को उड़ने से रोकने के लिए भिश्ती चमड़े के थैले से सड़क पर पानी छिड़क रहे थे।'
'लोगों को धकेल रही थी पुलिस'
पुलिस लोगों को सड़क से फुटपाथ तक धकेलने की पूरी कोशिश कर रही थी। कुमार ने कहा, 'एक व्यक्ति जो सुबह का अखबार पढ़ रहे थे, अचानक उछल पड़े। दरअसल, उन्होंने महारानी के काफिले के मार्ग का पता लगा लिया था। हमें इस बात से राहत मिली कि काफिला हमारी इमारत के सामने से आगे बढ़ेगा।'
'प्रिंस फिलिप भी थे साथ'
उन्होंने कहा, 'महारानी ने मुस्कान के साथ अभिवादन किया। प्रिंस फिलिप उनके साथ थे। वह परियों की कहानी की नायिका जैसी लग रही थीं। अचानक मैंने उस खूबसूरत महिला को उनके टियारा और सफेद दस्ताने में हाथ लहराते और मुस्कुराते हुए देखा, और फिर वह चली गईं। मैं थोड़ा निराश हुआ। मुझे नहीं पता कि मैं क्या उम्मीद कर रहा था।'
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