यूरोप में सुलग रही एक और जंग की आग, एर्दोगन की धमकी पर ग्रीस का जवाब- यूक्रेन 2.0 के लिए तैयार रहें!
Navbharat Times
एथेंस : दुनिया पहले से एक जंग के दुष्परिणाम भुगत रही है और पूर्वी भूमध्यसागर में एक नया तनाव बढ़ रहा है। ग्रीस और तुर्की के बीच तनाव इतना बढ़ चुका है कि औपचारिक भाषा का पर्दा हटाते हुए दोनों एक-दूसरे को खुली धमकियां दे रहे हैं। ग्रीस ने कहा है कि क्षेत्र में यूक्रेन जैसा एक युद्ध शुरू हो सकता है। इससे पहले तुर्की ने अपने पड़ोसी देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का खतरा जाहिर किया था। तुर्की और ग्रीस दोनों ही नाटो के सदस्य है। लेकिन दोनों के बीच तनातनी सैन्य गठबंधन में फूट के संकेत दे रही है। तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ग्रीस को 'भारी कीमत चुकाने' की धमकी दे चुके हैं।
तुर्की और ग्रीस के बीच तनाव के कई कारण हैं। इनमें एजियन द्वीप समूह की संप्रभुता, समुद्री अधिकार, प्राकृतिक गैस और हवाई क्षेत्र की सीमाएं शामिल हैं। रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद भी दोनों देशों के संबंध अच्छे थे लेकिन हालिया हफ्तों में इनमें बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को एर्दोगन ने धमकी देते हुए कहा कि तुर्की 'अचानक एक रात को आ सकता है'। एक प्रेस कान्फ्रेंस में उन्होंने कहा, 'मैं जिस बारे में बात कर रहा हूं वह कोई सपना नहीं है। अगर मैं कहता हूं कि हम अचानक एक रात को आ सकते हैं तो इसका मतलब है कि जब समय आएगा तो हम अचानक एक रात को आएंगे।'
एर्दोगन दे रहे खुली धमकियांएर्दोगन की धमकी ने ग्रीस के गुस्से को भड़का दिया है। इस साल ग्रीस और तुर्की की 1919-1922 की जंग के 100 साल पूरे हो गए। 30 अगस्त को तुर्की ने विक्ट्री डे मनाया जब उसने अनातोलिया से ग्रीस की सेना को खदेड़ दिया था। शनिवार को एर्दोगन ने कहा, 'ग्रीस, इतिहास की तरफ देखो, समय में वापस जाओ, अगर आगे बढ़े तो भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।' इसके जवाब में ग्रीस ने नाटो, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र को पत्र भेजे और एर्दोगन के 'भड़काऊ' बयानों और 'खुली धमकी' की निंदा की।
'मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करना पड़ेगा भारी'ग्रीस ने अपने पत्रों में संस्थानों से एर्दोगन के बयानों की निंदा करने की अपील की। यूक्रेन युद्ध की ओर इशारा करते हुए पत्र में लिखा था, 'मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करके, हम फिर से ऐसी स्थिति देखने का जोखिम उठा सकते हैं जो वर्तमान में हमारे महाद्वीप के एक अन्य हिस्से में देखी जा रही है।' कुछ विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बयानबाजी ने ग्रीस और तुर्की के बीच 2020 के तनाव जैसी स्थिति पैदा कर दी है जब दोनों के युद्धपोत आपस में टकरा गए थे और दोनों संघर्ष की कगार पर आ गए थे।
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