ब्रिटेन की महारानी का निधन के 11 दिन बाद होगा अंतिम संस्कार, ताबूत में एक साल तक रखा जा सकता है शव,
Navbharat Times
लंदन : ब्रिटेन पर सबसे लंबे समय तक राज करने वाली क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का पिछले गुरुवार को बाल्मोरल कैसल में निधन हो गया था। आने वाले दिनों में उनका शव स्कॉटलैंड में उनके मृत्यु स्थान से लंदन में उनके अंतिम संस्कार स्थल तक, बीच में कई बार रुकता हुआ, यात्रा करेगा। उनकी अंतिम यात्रा को 'ऑपरेशन यूनिकॉर्न' नाम दिया गया है जिसके आखिर में 19 सितंबर को क्वीन का अंतिम संस्कार होगा। 8 सितंबर को एलिजाबेथ का निधन 96 साल की आयु में हो गया था जिससे कुछ दिन पहले बकिंघम पैलेस ने बयान जारी करते हुए उनके स्वास्थ्य पर गहरी चिंता जाहिर की थी। उन्होंने अपनी आखिरी सांस स्कॉटलैंड स्थित बाल्मोरल कैसल में ली जहां वह मेडिकल देखरेख में थीं।
खबरों के मुताबिक महारानी का ताबूत सीधे लंदन उनके अंतिम स्थल तक नहीं जाएगा। ऑपरेशन यूनिकॉर्न के तहत अपनी अंतिम यात्रा में ताबूत कई जगहों पर रुकेगा। द टाइम्स के अनुसार बाल्मोरल कैसल से एलिजाबेथ का शव एक रथ पर निकलेगा और उसे लगभग 200 किमी दूर स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्ग में ले जाया जाएगा। टेलीग्राफ की खबर के अनुसार महारानी की अंतिम यात्रा का रथ तीन जगहों पर रुकेगा, बैलेटर, एबरडीन और डंडी में, जहां जनता उन्हें श्रद्धांजलि देगी।
13 सितंबर को लंदन आएगा क्वीन का शवएडिनबर्ग में एलिजाबेथ के ताबूत को एक दिन के लिए स्कॉटलैंड की संसद के पास होलीरूड पैलेस में रखा जाएगा। यहां कुछ चुनिंदा लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे जिनमें ज्यादातर सरकारी अधिकारी होंगे। यह पैलेस स्कॉटलैंड में ब्रिटिश सम्राट का आधिकारिक आवास है। होलीरूड से महारानी का शव एडिनबर्ग के रॉयल माइल से सेंट जाइल्स कैथेड्रल तक एक जुलूस निकाला जाएगा। इस दौरान जनता को उनका ताबूत देखने और उन्हें श्रद्धांजलि देने की अनुमति होगी। 13 सितंबर को महारानी का ताबूत लंदन के लिए रवाना होगा।
पति फिलिप के बगल में दफन होंगी एलिजाबेथरिपोर्ट के अनुसार लंदन में बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर हॉल तक एक शवयात्रा निकाली जाएगी जहां ताबूत अगले पांच दिनों तक रहेगा। यहां जनता महारानी को श्रद्धांजलि दे सकती है। वेस्टमिंस्टर एब्बे में उनकी अंतिम शवयात्रा निकाली जाएगी जो हाइड पार्क कॉर्नर पर खत्म होगी। यहां एलिजाबेथ के ताबूत को विंडसर कैसल में उनके अंतिम स्थल तक ले जाया जाएगा और सेंट जॉर्ज में उन्हें उनके पति फिलिप के पास दफना दिया जाएगा। क्वीन एलिजाबेथ को उनके पति फिलिप के ही जैसे एक ताबूत में रखा गया है।
लेड की परत वाला ताबूत अद्भुतफिलिप को उनके निधन से 30 साल पहले बनाए गए एक लेड-लाइन्ड (Lead-Lined) लकड़ी के ताबूत में रखा गया था। यह एक शाही परंपरा है। एक लेड-लाइन्ड ताबूत का इस्तेमाल शरीर को लंबे समय तक संरक्षित करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए अगर ताबूत पर लेड की परत चढ़ी है तो यह शव को एक साल तक संरक्षित कर सकता है। यह शरीर को सूखा रखता है और नमी को प्रवेश करने से रोकता है।
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