Rajasthan: विधान के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा, वासुदेव देवनानी ने व्यक्त की गहरी पीड़ा
Samachar Jagat
जयपुर। राजस्थान विधान सभा का षष्ठम सत्र (मानसून सत्र) गुरुवार को विपक्षी विधायकों की गैरमाजूदगी में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम के साथ प्रारंभ हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू करते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रतिपक्ष सदस्यों की सदन में अनुपस्थिति पर गहरी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने ने प्रतिपक्ष से सदन की कार्यवाही में भाग लेने की अपील भी की। राजस्थान विधान के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब सत्र के प्रथम दिन शोकाभिव्यक्ति सदन में प्रतिपक्ष के सदस्य मौजूद नहीं थे। देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष का पूरा सम्मान है।
वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष के सदस्यों का सदन में नहीं आना, यह स्थिति ठीक नहीं हैं। देवनानी ने कहा कि उन्हें मार्शल ने अवगत कराया कि गेट नंबर छह से प्रवेश के दौरान पिछली बार अन्य लोग भी बीच में सम्मिलित हो गए थे, जिससे विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रश्न खड़े हुए थे।
देवनानी ने सरकार से भी बोल दी है ये बात
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष का पूरा सम्मान है। उन्हें अपने विषय सदन में रखने का पूरा अधिकार है। प्रतिपक्ष अपने मुद्दों को सदन में मर्यादापूर्ण तरीके से और निर्धारित नियमों के तहत रख सकते है। उन्होंने राज्य सरकार से भी यह अपेक्षा की है कि प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए विषयों पर संज्ञान लेकर उनका सकारात्मक उत्तर दे। उन्होंने कहा कि सदन की सार्थकता तभी है, जब सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों लोकतांत्रिक मर्यादाओं के साथ जनहित के विषयों पर चर्चा करें और प्रदेश की जनता से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने में अपनी भूमिका निभाएं।
PC:dipr.rajasthan
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